ख्यात हुए तो क्या हुआ khyaat hue to kyaa huaa ख्यात हुए तो क्या हुआ
ख्यात
हुए तो क्या हुआ, अगर हुए कुख्यात।
धर्मों को देते रहे, दुष्कर्मों से
मात।
दुष्कर्मों से मात, नतीजा कभी न सोचा
अपना ही हर सौख्य, देख जन-जन को नोचा
कहनी इतनी बात, कि जिस पथ पाँव धरे हो
धिक्कृत
होंगे आप, क्या
हुआ ख्यात हुए तो।
बुरे
न होते लोग सब, जो होते कुख्यात।
कर
देते बेबस इन्हें, नामी औ’ विख्यात।
नामी
औ’ विख्यात, छीन लेते हक
इनके।
बदले
की ये आग, बुझाते
बेघर
khyaat
hue to kyaa huaa, agar hue kukhyaat
dharmon ko dete rahe, dushkarmon se
maat
dushkarmon se maat, nateejaa kabhee n sochaa
apanaa hee har saukhy, dekh jan-jan ko nochaa
kahanee itanee baat, ki jis path paanv dhare ho
dhikkriit
honge aap, kyaa
huaa khyaat hue to
bure
n hote log sab, jo hote kukhyaat
kar
dete bebas inhen, naamee au’ wikhyaat
naamee
au’ wikhyaat, cheen lete hak
inake
badale
kee ye aag, bujhaate
beghar
ख्यात
हुए तो क्या हुआ, अगर हुए कुख्यात।
धर्मों को देते रहे, दुष्कर्मों से
मात।
दुष्कर्मों से मात, नतीजा कभी न सोचा
अपना ही हर सौख्य, देख जन-जन को नोचा
कहनी इतनी बात, कि जिस पथ पाँव धरे हो
धिक्कृत
होंगे आप, क्या
हुआ ख्यात हुए तो।
बुरे
न होते लोग सब, जो होते कुख्यात।
कर
देते बेबस इन्हें, नामी औ’ विख्यात।
नामी
औ’ विख्यात, छीन लेते हक
इनके।
बदले
की ये आग, बुझाते
बेघर