हरित क्रांति की ओर harit kraanti kee or हरित क्रांति की ओर
रोपें
पौधे नित नए, गाँव, शहर, हर छोर।
कदम
बढ़ाएँ साथ मेँ, हरित
क्रांति की ओर।
हरियाली
से पाट दें,
हर
पथ हर उद्यान।
सुधरेगा
पर्यावरण,
जन
जन दे श्रम दान।
मुक्त
ह्रदय से मानिए, कुदरत
का आभार।
मिला
उसी की गोद में, हरा
भरा संसार।
हरियाली
खोई अगर,
क्या
होगा अंजाम?
होगी
बाँझ वसुंधरा, जीव
लुप्त हे राम!
बीज
बीज मेँ प्राण हैं, दें
उनको आकार।
ropen
paudhe nit nae, gaanv, shahar, har chor
kadam
bढ़aaen saath men, harit
kraanti kee or
hariyaalee
se paat den,
har
path har udyaan
sudharegaa
paryaawaran,
jan
jan de shram daan
mukt
hraday se maanie, kudarat
kaa aabhaar
milaa
usee kee god men, haraa
bharaa sansaar
hariyaalee
khoee agar,
kyaa
hogaa anjaam?
hogee
baanjh wasundharaa, jeew
lupt he raam!
beej
beej men praan hain, den
unako aakaar
रोपें
पौधे नित नए, गाँव, शहर, हर छोर।
कदम
बढ़ाएँ साथ मेँ, हरित
क्रांति की ओर।
हरियाली
से पाट दें,
हर
पथ हर उद्यान।
सुधरेगा
पर्यावरण,
जन
जन दे श्रम दान।
मुक्त
ह्रदय से मानिए, कुदरत
का आभार।
मिला
उसी की गोद में, हरा
भरा संसार।
हरियाली
खोई अगर,
क्या
होगा अंजाम?
होगी
बाँझ वसुंधरा, जीव
लुप्त हे राम!
बीज
बीज मेँ प्राण हैं, दें
उनको आकार।