कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १३० / १६४ № 130 of 164 रचना १३० / १६४
३० मार्च २०१८ 30 March 2018 ३० मार्च २०१८

अग्नि बाण बरसे अम्बर से agni baan barase ambar se अग्नि बाण बरसे अम्बर से

अग्नि-बाण बरसे अम्बर

से

॥

पर श्रम जीवन दौड़ रहा है

॥

डटा हुआ है मंगलू मोची

॥

घने पेड़ के छायाघर

में

॥

आए आज शरण में इसकी

॥

ज़ख्मी जूते भर दुपहर

में

॥

अर्द्ध-वसन खुद, लेकिन उनका

॥

तन सीवन से जोड़ रहा है

॥

देख घाट पर धरमू धोबी

॥

ओसारे पर ननकू नाई

॥

गुमटी पर गुरमुख पनवाड़ी

॥

भट्टी पर हलकू

हलवाई

॥

धूप हुई हैरान, किस तरह

॥

पलटू

agni-baan barase ambar

se

·

par shram jeewan daud rahaa hai

·

dataa huaa hai mangaloo mochee

·

ghane ped ke chaayaaghar

men

·

aae aaj sharan men isakee

·

zakhmee joote bhar dupahar

men

·

arddh-wasan khud, lekin unakaa

·

tan seewan se jod rahaa hai

·

dekh ghaat par dharamoo dhobee

·

osaare par nanakoo naaee

·

gumatee par guramukh panawaadee

·

bhattee par halakoo

halawaaee

·

dhoop huee hairaan, kis tarah

·

palatoo

अग्नि-बाण बरसे अम्बर

से

॥

पर श्रम जीवन दौड़ रहा है

॥

डटा हुआ है मंगलू मोची

॥

घने पेड़ के छायाघर

में

॥

आए आज शरण में इसकी

॥

ज़ख्मी जूते भर दुपहर

में

॥

अर्द्ध-वसन खुद, लेकिन उनका

॥

तन सीवन से जोड़ रहा है

॥

देख घाट पर धरमू धोबी

॥

ओसारे पर ननकू नाई

॥

गुमटी पर गुरमुख पनवाड़ी

॥

भट्टी पर हलकू

हलवाई

॥

धूप हुई हैरान, किस तरह

॥

पलटू

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗