और पिता तुम aur pitaa tum और पिता तुम
माँ होती है
जाँ बच्चों की
और पिता! तुम
माँ
की जान।
माँ धरती, तुम आसमान हो
सन्तानें
दोनों से पोषित।
देख
फूलते-फलते हमको
सदय-सृष्टि भी
होती हर्षित।
माँ पर करती गर्व
गृहस्थी
तुमसे यह घर स्वर्ग
समान।
ठोस आवरण सिर्फ दिखावा
गुस्सा होता क्षणिक
तुम्हारा।
बच्चों की हर ज़िद के
आगे
है पितृत्व तुम्हारा
हारा।
संवेदन का स्रोत
तुम्हारे
हिय में रहता नित
maan hotee hai
jaan bachchon kee
aur pitaa! tum
maan
kee jaan
maan dharatee, tum aasamaan ho
santaanen
donon se poshit
dekh
phoolate-phalate hamako
saday-sriishti bhee
hotee harshit
maan par karatee garv
griihasthee
tumase yah ghar svarg
samaan
thos aawaran sirph dikhaawaa
gussaa hotaa kshanik
tumhaaraa
bachchon kee har zid ke
aage
hai pitriitv tumhaaraa
haaraa
sanvedan kaa srot
tumhaare
hiy men rahataa nit
माँ होती है
जाँ बच्चों की
और पिता! तुम
माँ
की जान।
माँ धरती, तुम आसमान हो
सन्तानें
दोनों से पोषित।
देख
फूलते-फलते हमको
सदय-सृष्टि भी
होती हर्षित।
माँ पर करती गर्व
गृहस्थी
तुमसे यह घर स्वर्ग
समान।
ठोस आवरण सिर्फ दिखावा
गुस्सा होता क्षणिक
तुम्हारा।
बच्चों की हर ज़िद के
आगे
है पितृत्व तुम्हारा
हारा।
संवेदन का स्रोत
तुम्हारे
हिय में रहता नित