तुम्हें हम क्या दें गंगा माँ! tumhen ham kyaa den gangaa maan! तुम्हें हम क्या दें गंगा माँ!
हमें दिये वरदान,तुम्हें हम,
क्या दें गंगा माँ!
देवलोक से चली उतरकर।
शिव ने तुम्हें
सँभाला सिर पर।
हिमखंडों से निकल वेग सी,
हमें तारने आई भू पर।
वैतरणी,जग ताप हारणी,
लाई स्वर्ग यहाँ!
सकल विश्व के दोष खंडिता।
मोक्षदायिनी,वरद वंदिता।
वेद मंत्र की पावन सलिला,
सदियों से तुम सदा पूजिता।
धाम अनगिने
हुए विश्व में,
पाया मोक्ष
hamen diye waradaan,tumhen ham,
kyaa den gangaa maan!
dewalok se chalee utarakar
shiw ne tumhen
sanbhaalaa sir par
himakhandon se nikal weg see,
hamen taarane aaee bhoo par
waitaranee,jag taap haaranee,
laaee svarg yahaan!
sakal wishv ke dosh khanditaa
mokshadaayinee,warad wanditaa
wed mantr kee paawan salilaa,
sadiyon se tum sadaa poojitaa
dhaam anagine
hue wishv men,
paayaa moksh
हमें दिये वरदान,तुम्हें हम,
क्या दें गंगा माँ!
देवलोक से चली उतरकर।
शिव ने तुम्हें
सँभाला सिर पर।
हिमखंडों से निकल वेग सी,
हमें तारने आई भू पर।
वैतरणी,जग ताप हारणी,
लाई स्वर्ग यहाँ!
सकल विश्व के दोष खंडिता।
मोक्षदायिनी,वरद वंदिता।
वेद मंत्र की पावन सलिला,
सदियों से तुम सदा पूजिता।
धाम अनगिने
हुए विश्व में,
पाया मोक्ष