कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १०८ / १६३ № 108 of 163 रचना १०८ / १६३
२४ मार्च २०१५ 24 March 2015 २४ मार्च २०१५

घड़ा देखकर प्यासा कौवा ghadaa dekhakar pyaasaa kauwaa घड़ा देखकर प्यासा कौवा

घड़ा

देखकर

प्यासा कौवा

चला चोंच में लेके

पत्थर

वो क्या जाने, पानी वाला

पुराकाल अब बीत

चुका है

जो घट अर्ध-भरा

होता था

अब पूरा ही रीत

चुका है

इस-युग

बेच रही है

बोतल, गली-गली

जल सील-बंद कर

ओस चाटकर सोई बगिया

तितली भटक रही है

प्यासी

औंधा बर्तन, बिखरे दाने

देख चिड़ी भी हुई

रुआँसी

बच्चों

का मुँह खुला

देखकर चुगा रही

नम खुरचन चुनकर

ghadaa

·

dekhakar

·

pyaasaa kauwaa

·

chalaa chonch men leke

patthar

·

wo kyaa jaane, paanee waalaa

·

puraakaal ab beet

chukaa hai

·

jo ghat ardh-bharaa

hotaa thaa

·

ab pooraa hee reet

chukaa hai

·

is-yug

·

bech rahee hai

·

botal, galee-galee

·

jal seel-band kar

·

os chaatakar soee bagiyaa

·

titalee bhatak rahee hai

pyaasee

·

aundhaa bartan, bikhare daane

·

dekh chidee bhee huee

ruaansee

·

bachchon

·

kaa munh khulaa

·

dekhakar chugaa rahee

·

nam khurachan chunakar

घड़ा

देखकर

प्यासा कौवा

चला चोंच में लेके

पत्थर

वो क्या जाने, पानी वाला

पुराकाल अब बीत

चुका है

जो घट अर्ध-भरा

होता था

अब पूरा ही रीत

चुका है

इस-युग

बेच रही है

बोतल, गली-गली

जल सील-बंद कर

ओस चाटकर सोई बगिया

तितली भटक रही है

प्यासी

औंधा बर्तन, बिखरे दाने

देख चिड़ी भी हुई

रुआँसी

बच्चों

का मुँह खुला

देखकर चुगा रही

नम खुरचन चुनकर

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗