कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना २ / ५२ № 2 of 52 रचना २ / ५२
१२ मई २०१६ 12 May 2016 १२ मई २०१६

हलु त सजण halu t sajan हलु त सजण

हलु

त सजण गदु, हलूँ उते, वरी आस जगी आ, मन में।

॥

जिते

वजाई, मोहन मुरली, राधा जे जीवन में।

॥

प्यारु दिसी राधा जो किशिन साँ, हू बि हुआ खुश थींदा

॥

झुंड

बाँस जा, भाकुर पाए, हिक बिए साँ मधुबन में।

॥

राधा

खे हुई, मोहन खाँ वधि, धुनि मुरलीय जी, प्यारी

॥

गाल्हि बुधाई, हुई इहा हर, वण-टिण मूँखे, कन में।

॥

धरम-करम, सिक-प्रेम जो जेको, गोविंद अर्थु बुधायो

halu

t sajan gadu, haloon ute, waree aas jagee aa, man men

·

jite

wajaaee, mohan muralee, raadhaa je jeewan men

·

pyaaru disee raadhaa jo kishin saan, hoo bi huaa khush theendaa

·

jhund

baans jaa, bhaakur paae, hik bie saan madhuban men

·

raadhaa

khe huee, mohan khaan wadhi, dhuni muraleey jee, pyaaree

·

gaalhi budhaaee, huee ihaa har, wan-tin moonkhe, kan men

·

dharam-karam, sik-prem jo jeko, gowind arthu budhaayo

हलु

त सजण गदु, हलूँ उते, वरी आस जगी आ, मन में।

॥

जिते

वजाई, मोहन मुरली, राधा जे जीवन में।

॥

प्यारु दिसी राधा जो किशिन साँ, हू बि हुआ खुश थींदा

॥

झुंड

बाँस जा, भाकुर पाए, हिक बिए साँ मधुबन में।

॥

राधा

खे हुई, मोहन खाँ वधि, धुनि मुरलीय जी, प्यारी

॥

गाल्हि बुधाई, हुई इहा हर, वण-टिण मूँखे, कन में।

॥

धरम-करम, सिक-प्रेम जो जेको, गोविंद अर्थु बुधायो

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗