कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ३ / ५२ № 3 of 52 रचना ३ / ५२
१२ मई २०१६ 12 May 2016 १२ मई २०१६

मिठिड़ो अबाणो mithido abaano मिठिड़ो अबाणो

कालु

थो हर-हर चवई, थीउ मन, सियाणो।

करि करमु अजु ही, दिठो कहिं आ सुभाणो।

॥

जिंदगीय

जा चार दींहड़ा जीउ खिली तूँ

॥

खाली

करिणो आहे आखिरि घरु पुराणो।

॥

काज

तुहिंजा, थी सघनि था, सभु सणावा

॥

मोतिबर

बस,

कढु

मथनि खाँ तूँ विहाणो।

॥

रात

अमावसि,

जे

हुजे चौधारि ऊँदहि

॥

बारे हलु मन जो दियो, मिलंदो ठिकाणो।

॥

सुख

सवें चाहे हुजनि परदेस में पर

याद

ईंदुइ

kaalu

tho har-har chawaee, theeu man, siyaano

kari karamu aju hee, ditho kahin aa subhaano

·

jindageey

jaa chaar deenhadaa jeeu khilee toon

·

khaalee

karino aahe aakhiri gharu puraano

·

kaaj

tuhinjaa, thee saghani thaa, sabhu sanaawaa

·

motibar

bas,

kadhu

mathani khaan toon wihaano

·

raat

amaawasi,

je

huje chaudhaari oondahi

·

baare halu man jo diyo, milando thikaano

·

sukh

sawen chaahe hujani parades men par

yaad

eendui

कालु

थो हर-हर चवई, थीउ मन, सियाणो।

करि करमु अजु ही, दिठो कहिं आ सुभाणो।

॥

जिंदगीय

जा चार दींहड़ा जीउ खिली तूँ

॥

खाली

करिणो आहे आखिरि घरु पुराणो।

॥

काज

तुहिंजा, थी सघनि था, सभु सणावा

॥

मोतिबर

बस,

कढु

मथनि खाँ तूँ विहाणो।

॥

रात

अमावसि,

जे

हुजे चौधारि ऊँदहि

॥

बारे हलु मन जो दियो, मिलंदो ठिकाणो।

॥

सुख

सवें चाहे हुजनि परदेस में पर

याद

ईंदुइ

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗