कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४० / ५२ № 40 of 52 रचना ४० / ५२
१ सितम्बर २०१६ 1 September 2016 १ सितम्बर २०१६

पिपिलु पुराणो pipilu puraano पिपिलु पुराणो

हालत पहिंजी जदहिं दिसे थो पिपिलु

पुराणो

॥

गुज़र्यल दींहड़ा याद करे थो पिपिलु पुराणो

॥

रोज़ु नमस्ते कंदा हुया जेके सिज उभिरे

॥

दिसी उहे दर बंद, गरे थो पिपिलु पुराणो

॥

सुकंद्यूँ वञनि पयूँ टार्यूँ सभु धीरे-धीरे

॥

पन पीला पिणि दिसी दुखे थो पिपिलु

पुराणो

॥

छाँव अङण में हुन जे, छट्र

जी बची न बाकी

॥

वदिड़ा किथे वेहनि सोचे थो पिपिलु पुराणो

॥

खुश थींदो हो जिनि पंछिनि खे गोदि विहारे

॥

तिनि जी पिणि चहचह

haalat pahinjee jadahin dise tho pipilu

puraano

·

guzaryal deenhadaa yaad kare tho pipilu puraano

·

rozu namaste kandaa huyaa jeke sij ubhire

·

disee uhe dar band, gare tho pipilu puraano

·

sukandyoon wanani payoon taaryoon sabhu dheere-dheere

·

pan peelaa pini disee dukhe tho pipilu

puraano

·

chaanv anan men hun je, chatr

jee bachee n baakee

·

wadidaa kithe wehani soche tho pipilu puraano

·

khush theendo ho jini panchini khe godi wihaare

·

tini jee pini chahachah

हालत पहिंजी जदहिं दिसे थो पिपिलु

पुराणो

॥

गुज़र्यल दींहड़ा याद करे थो पिपिलु पुराणो

॥

रोज़ु नमस्ते कंदा हुया जेके सिज उभिरे

॥

दिसी उहे दर बंद, गरे थो पिपिलु पुराणो

॥

सुकंद्यूँ वञनि पयूँ टार्यूँ सभु धीरे-धीरे

॥

पन पीला पिणि दिसी दुखे थो पिपिलु

पुराणो

॥

छाँव अङण में हुन जे, छट्र

जी बची न बाकी

॥

वदिड़ा किथे वेहनि सोचे थो पिपिलु पुराणो

॥

खुश थींदो हो जिनि पंछिनि खे गोदि विहारे

॥

तिनि जी पिणि चहचह

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗