इक अनजाने शहर में ik anajaane shahar men इक अनजाने शहर में
इक अनजाने शहर में, मन ही केवल मीत।
मन को अपना मानकर, एकाकीपन जीत।
कल जो छीना वक्त ने, उसे न रखिए याद
याद उसे ही कीजिये, जो पाया है आज।
कर्म है जीवन जानिए, कर्म अगर है साथ
भाग्य प्रबल कर जायंगे, सत्कर्मों के हाथ
उत्सव के दिन चार हैं, जश्न मनाएँ साथ
खुशियां होंगी दो गुणी, अगर हाथ में हाथ।
रंग रंग के फूल हैं, एक मगर उद्यान
मिलकर खुशियाँ बाँटते, यही जीव विज्ञान।
लिखने की आदत भली, कलम सदा हो साथ
जहां रहें जिस हाल में, लिख डालें जज़्बात।
ik anajaane shahar men, man hee kewal meet
man ko apanaa maanakar, ekaakeepan jeet
kal jo chheenaa wakt ne, use n rakhie yaad
yaad use hee keejiye, jo paayaa hai aaj
karm hai jeewan jaanie, karm agar hai saath
bhaagy prabal kar jaayange, satkarmon ke haath
utsav ke din chaar hain, jashn manaaen saath
khushiyaan hongee do gunee, agar haath men haath
rang rang ke phool hain, ek magar udyaan
milakar khushiyaan baantate, yahee jeev wijnaan
likhane kee aadat bhalee, kalam sadaa ho saath
jahaan rahen jis haal men, likh daalen jazbaat
इक अनजाने शहर में, मन ही केवल मीत।
मन को अपना मानकर, एकाकीपन जीत।
कल जो छीना वक्त ने, उसे न रखिए याद
याद उसे ही कीजिये, जो पाया है आज।
कर्म है जीवन जानिए, कर्म अगर है साथ
भाग्य प्रबल कर जायंगे, सत्कर्मों के हाथ
उत्सव के दिन चार हैं, जश्न मनाएँ साथ
खुशियां होंगी दो गुणी, अगर हाथ में हाथ।
रंग रंग के फूल हैं, एक मगर उद्यान
मिलकर खुशियाँ बाँटते, यही जीव विज्ञान।
लिखने की आदत भली, कलम सदा हो साथ
जहां रहें जिस हाल में, लिख डालें जज़्बात।