नए साल की भोर लो मुस्कुराई nae saal kee bhor lo muskuraaee नए साल की भोर लो मुस्कुराई
सितारों
ने भेजी भुवन को बधाई।
नए
साल की भोर,
लो
मुस्कुराई।
गगन
ने किया घोर, कोहरे से स्वागत
चमन
ने सुगंधों से देहरी सजाई।
जले
नव उमंगों के दिलदार दीपक
भुला
बीती बेदिल हवा की ढिठाई।
यही
दिन तो देता सकल साल संबल
बनी
रहती हर मुख पे लालिम लुनाई।
चलो
कर लें पूरे, सपन इस बरस में
न
हो लक्ष्य पाने में कोई ढिलाई।
बिठाएँ
नवागत को मन के फ़लक पर
कि
देकर विगत को विहंगम विदाई।
नए
जोश से हक़ की, फिर वो मुखर हो
जो
आवाज़ कल तक गई थी दबाई।
चेताएँ
उन्हें पथ बदल दें पतन का
नराधम
निरे, क्रूर, कातिल कसाई।
फलें
‘कल्पना’ साल भर
प्रार्थनाएँ
मिले
रब की सबको, सतत रहनुमाई।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
sitaaron
ne bhejee bhuwan ko badhaaee
nae
saal kee bhor,
lo
muskuraaee
gagan
ne kiyaa ghor, kohare se svaagat
chaman
ne sugandhon se deharee sajaaee
jale
naw umangon ke diladaar deepak
bhulaa
beetee bedil hawaa kee dhithaaee
yahee
din to detaa sakal saal sanbal
banee
rahatee har mukh pe laalim lunaaee
chalo
kar len poore, sapan is baras men
n
ho lakshy paane men koee dhilaaee
bithaaen
nawaagat ko man ke falak par
ki
dekar wigat ko wihangam widaaee
nae
josh se haq kee, phir wo mukhar ho
jo
aawaaz kal tak gaee thee dabaaee
chetaaen
unhen path badal den patan kaa
naraadham
nire, kroor, kaatil kasaaee
phalen
‘kalpanaa’ saal bhar
praarthanaaen
mile
rab kee sabako, satat rahanumaaee
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
सितारों
ने भेजी भुवन को बधाई।
नए
साल की भोर,
लो
मुस्कुराई।
गगन
ने किया घोर, कोहरे से स्वागत
चमन
ने सुगंधों से देहरी सजाई।
जले
नव उमंगों के दिलदार दीपक
भुला
बीती बेदिल हवा की ढिठाई।
यही
दिन तो देता सकल साल संबल
बनी
रहती हर मुख पे लालिम लुनाई।
चलो
कर लें पूरे, सपन इस बरस में
न
हो लक्ष्य पाने में कोई ढिलाई।
बिठाएँ
नवागत को मन के फ़लक पर
कि
देकर विगत को विहंगम विदाई।
नए
जोश से हक़ की, फिर वो मुखर हो
जो
आवाज़ कल तक गई थी दबाई।
चेताएँ
उन्हें पथ बदल दें पतन का
नराधम
निरे, क्रूर, कातिल कसाई।
फलें
‘कल्पना’ साल भर
प्रार्थनाएँ
मिले
रब की सबको, सतत रहनुमाई।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी