तुमसे नज़रें मिलीं{प्रेम) tumase nazaren mileen{prem) तुमसे नज़रें मिलीं{प्रेम)
तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।
और मौसम अचानक, सुहाना हुआ।
साथ जीने के, मरने के, वादे हुए
एक छोटा सुखद, आशियाना हुआ।
वक्त चलता रहा, दिन गुजरते रहे
प्यार का वो नशा कुछ, पुराना हुआ।
रंग बदले तुम्हारे, हुई दंग मैं
दूर रहने का हर दिन, बहाना हुआ।
तुम तो ऐसे न थे, बेवफा किसलिए
मेरे दिल से अलग भी, ठिकाना हुआ।
खिलखिलाते वे दिन, हँस-हँसाते वे दिन
तुम तो भूले न मुझसे, भुलाना हुआ।
लौट आओ तुम्हें, ‘कल्पना’ है कसम
मान लूँगी कि जो भी, हुआ ना हुआ।
tumase nazaren mileen, man milaanaa huaa
aur mausam achaanak, suhaanaa huaa
saath jeene ke, marane ke, waade hue
ek chotaa sukhad, aashiyaanaa huaa
wakt chalataa rahaa, din gujarate rahe
pyaar kaa wo nashaa kuch, puraanaa huaa
rang badale tumhaare, huee dang main
door rahane kaa har din, bahaanaa huaa
tum to aise n the, bewaphaa kisalie
mere dil se alag bhee, thikaanaa huaa
khilakhilaate we din, hans-hansaate we din
tum to bhoole n mujhase, bhulaanaa huaa
laut aao tumhen, ‘kalpanaa’ hai kasam
maan loongee ki jo bhee, huaa naa huaa
तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।
और मौसम अचानक, सुहाना हुआ।
साथ जीने के, मरने के, वादे हुए
एक छोटा सुखद, आशियाना हुआ।
वक्त चलता रहा, दिन गुजरते रहे
प्यार का वो नशा कुछ, पुराना हुआ।
रंग बदले तुम्हारे, हुई दंग मैं
दूर रहने का हर दिन, बहाना हुआ।
तुम तो ऐसे न थे, बेवफा किसलिए
मेरे दिल से अलग भी, ठिकाना हुआ।
खिलखिलाते वे दिन, हँस-हँसाते वे दिन
तुम तो भूले न मुझसे, भुलाना हुआ।
लौट आओ तुम्हें, ‘कल्पना’ है कसम
मान लूँगी कि जो भी, हुआ ना हुआ।