हरियाली में घुल गए hariyaalee men ghul gae हरियाली में घुल गए
हरियाली में घुल गए, पीले पीले रंग।
ऋतु परिवर्तन देखकर, डाली-डाली दंग।
डाली-डाली दंग, शीत ऋतु हुई
पुरानी
आया पतझड़ पास, सुनाने नई कहानी।
बिन पत्तों के पेड़, दिख रहे
खाली-खाली
ओढ़ पीत परिधान, छिप गई है
हरियाली।
पेड़ों पर अब पीतिमा, कर बैठी अधिकार।
पतझड़ ने आकर किया, हरीतिमा पर वार।
हरीतिमा पर वार, रंग कुदरत ने
बदला
देख सृष्टि सौंदर्य, आज मन फिर से मचला।
hariyaalee men ghul gae, peele peele rang
riitu pariwartan dekhakar, daalee-daalee dang
daalee-daalee dang, sheet riitu huee
puraanee
aayaa patajhad paas, sunaane naee kahaanee
bin patton ke ped, dikh rahe
khaalee-khaalee
oढ़ peet paridhaan, chip gaee hai
hariyaalee
pedon par ab peetimaa, kar baithee adhikaar
patajhad ne aakar kiyaa, hareetimaa par waar
hareetimaa par waar, rang kudarat ne
badalaa
dekh sriishti saundary, aaj man phir se machalaa
हरियाली में घुल गए, पीले पीले रंग।
ऋतु परिवर्तन देखकर, डाली-डाली दंग।
डाली-डाली दंग, शीत ऋतु हुई
पुरानी
आया पतझड़ पास, सुनाने नई कहानी।
बिन पत्तों के पेड़, दिख रहे
खाली-खाली
ओढ़ पीत परिधान, छिप गई है
हरियाली।
पेड़ों पर अब पीतिमा, कर बैठी अधिकार।
पतझड़ ने आकर किया, हरीतिमा पर वार।
हरीतिमा पर वार, रंग कुदरत ने
बदला
देख सृष्टि सौंदर्य, आज मन फिर से मचला।