ऋतु परिवर्तन अटल है riitu pariwartan atal hai ऋतु परिवर्तन अटल है
ऋतु परिवर्तन अटल हैं, शीत बढ़े या ताप।
जैसे भी बदलाव हों, बदल जाइए आप।
बदल जाइए आप, अगर मौसम गर्मी का।
खाना खाएँ अल्प, बढ़े सेवन पानी का।
ऋतु बोले जो बात, बना लें वैसा ही मन
शीत बढ़े या ताप, अटल हैं ऋतु परिवर्तन।
नभचर, थलचर, जीव सब, गर्मी से हैरान।
सड़कों के सीने फटे, हाँफ रहे मैदान।
हाँफ रहे मैदान, जलाशय प्यासे सारे
फूल पात उद्यान, बिना जल बाजी हारे।
अपनाएँ वो रीत, कंठ
riitu pariwartan atal hain, sheet bढ़e yaa taap
jaise bhee badalaaw hon, badal jaaie aap
badal jaaie aap, agar mausam garmee kaa
khaanaa khaaen alp, bढ़e sewan paanee kaa
riitu bole jo baat, banaa len waisaa hee man
sheet bढ़e yaa taap, atal hain riitu pariwartan
nabhachar, thalachar, jeew sab, garmee se hairaan
sadakon ke seene phate, haanph rahe maidaan
haanph rahe maidaan, jalaashay pyaase saare
phool paat udyaan, binaa jal baajee haare
apanaaen wo reet, kanth
ऋतु परिवर्तन अटल हैं, शीत बढ़े या ताप।
जैसे भी बदलाव हों, बदल जाइए आप।
बदल जाइए आप, अगर मौसम गर्मी का।
खाना खाएँ अल्प, बढ़े सेवन पानी का।
ऋतु बोले जो बात, बना लें वैसा ही मन
शीत बढ़े या ताप, अटल हैं ऋतु परिवर्तन।
नभचर, थलचर, जीव सब, गर्मी से हैरान।
सड़कों के सीने फटे, हाँफ रहे मैदान।
हाँफ रहे मैदान, जलाशय प्यासे सारे
फूल पात उद्यान, बिना जल बाजी हारे।
अपनाएँ वो रीत, कंठ