बाकी अभी उजाला है baakee abhee ujaalaa hai बाकी अभी उजाला है
दिन कहता है करो
जतन कुछ
दिनकर ढलने
वाला है।
जीवन को मत जंग लगाओ
बीती भोर नहीं फिर
आती
ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल
बस बालो मन-बल की
बाती
साथ रखो कर्मों की
चाबी
अगर भाग्य पर
ताला है।
गम आए यदि गला
घोंटने
हिम्मत का दिखलाओ अंकुश
अगर डराए बदला मौसम
करो धैर्य-शर से
अपने वश
बीज निवालों के बो
दो
यदि रूठा एक
निवाला है।
जलधि पार मंज़िल है
माना
din kahataa hai karo
jatan kuch
dinakar dhalane
waalaa hai
jeewan ko mat jang lagaao
beetee bhor naheen phir
aatee
jyoti-kalash ban, jaaenge pal
bas baalo man-bal kee
baatee
saath rakho karmon kee
chaabee
agar bhaagy par
taalaa hai
gam aae yadi galaa
ghontane
himmat kaa dikhalaao ankush
agar daraae badalaa mausam
karo dhairy-shar se
apane wash
beej niwaalon ke bo
do
yadi roothaa ek
niwaalaa hai
jaladhi paar manzil hai
maanaa
दिन कहता है करो
जतन कुछ
दिनकर ढलने
वाला है।
जीवन को मत जंग लगाओ
बीती भोर नहीं फिर
आती
ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल
बस बालो मन-बल की
बाती
साथ रखो कर्मों की
चाबी
अगर भाग्य पर
ताला है।
गम आए यदि गला
घोंटने
हिम्मत का दिखलाओ अंकुश
अगर डराए बदला मौसम
करो धैर्य-शर से
अपने वश
बीज निवालों के बो
दो
यदि रूठा एक
निवाला है।
जलधि पार मंज़िल है
माना