कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १०६ / १६४ № 106 of 164 रचना १०६ / १६४
१४ मार्च २०१५ 14 March 2015 १४ मार्च २०१५

बाकी अभी उजाला है baakee abhee ujaalaa hai बाकी अभी उजाला है

दिन कहता है करो

जतन कुछ

॥

दिनकर ढलने

॥

वाला है।

॥

जीवन को मत जंग लगाओ

॥

बीती भोर नहीं फिर

आती

॥

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

॥

बस बालो मन-बल की

बाती

॥

साथ रखो कर्मों की

चाबी

॥

अगर भाग्य पर

॥

ताला है।

॥

गम आए यदि गला

घोंटने

॥

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

॥

अगर डराए बदला मौसम

॥

करो धैर्य-शर से

अपने वश

॥

बीज निवालों के बो

दो

॥

यदि रूठा एक

॥

निवाला है।

॥

जलधि पार मंज़िल है

माना

din kahataa hai karo

jatan kuch

·

dinakar dhalane

·

waalaa hai

·

jeewan ko mat jang lagaao

·

beetee bhor naheen phir

aatee

·

jyoti-kalash ban, jaaenge pal

·

bas baalo man-bal kee

baatee

·

saath rakho karmon kee

chaabee

·

agar bhaagy par

·

taalaa hai

·

gam aae yadi galaa

ghontane

·

himmat kaa dikhalaao ankush

·

agar daraae badalaa mausam

·

karo dhairy-shar se

apane wash

·

beej niwaalon ke bo

do

·

yadi roothaa ek

·

niwaalaa hai

·

jaladhi paar manzil hai

maanaa

दिन कहता है करो

जतन कुछ

॥

दिनकर ढलने

॥

वाला है।

॥

जीवन को मत जंग लगाओ

॥

बीती भोर नहीं फिर

आती

॥

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

॥

बस बालो मन-बल की

बाती

॥

साथ रखो कर्मों की

चाबी

॥

अगर भाग्य पर

॥

ताला है।

॥

गम आए यदि गला

घोंटने

॥

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

॥

अगर डराए बदला मौसम

॥

करो धैर्य-शर से

अपने वश

॥

बीज निवालों के बो

दो

॥

यदि रूठा एक

॥

निवाला है।

॥

जलधि पार मंज़िल है

माना

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗