कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १०६ / १६३ № 106 of 163 रचना १०६ / १६३
१४ मार्च २०१५ 14 March 2015 १४ मार्च २०१५

बाकी अभी उजाला है baakee abhee ujaalaa hai बाकी अभी उजाला है

दिन कहता है करो

जतन कुछ

दिनकर ढलने

वाला है।

जीवन को मत जंग लगाओ

बीती भोर नहीं फिर

आती

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

बस बालो मन-बल की

बाती

साथ रखो कर्मों की

चाबी

अगर भाग्य पर

ताला है।

गम आए यदि गला

घोंटने

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

अगर डराए बदला मौसम

करो धैर्य-शर से

अपने वश

बीज निवालों के बो

दो

यदि रूठा एक

निवाला है।

जलधि पार मंज़िल है

माना

din kahataa hai karo

jatan kuch

·

dinakar dhalane

·

waalaa hai

·

jeewan ko mat jang lagaao

·

beetee bhor naheen phir

aatee

·

jyoti-kalash ban, jaaenge pal

·

bas baalo man-bal kee

baatee

·

saath rakho karmon kee

chaabee

·

agar bhaagy par

·

taalaa hai

·

gam aae yadi galaa

ghontane

·

himmat kaa dikhalaao ankush

·

agar daraae badalaa mausam

·

karo dhairy-shar se

apane wash

·

beej niwaalon ke bo

do

·

yadi roothaa ek

·

niwaalaa hai

·

jaladhi paar manzil hai

maanaa

दिन कहता है करो

जतन कुछ

दिनकर ढलने

वाला है।

जीवन को मत जंग लगाओ

बीती भोर नहीं फिर

आती

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

बस बालो मन-बल की

बाती

साथ रखो कर्मों की

चाबी

अगर भाग्य पर

ताला है।

गम आए यदि गला

घोंटने

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

अगर डराए बदला मौसम

करो धैर्य-शर से

अपने वश

बीज निवालों के बो

दो

यदि रूठा एक

निवाला है।

जलधि पार मंज़िल है

माना

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗