कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ११३ / १६४ № 113 of 164 रचना ११३ / १६४
१६ अगस्त २०१५ 16 August 2015 १६ अगस्त २०१५

बिटिया देख रही वो सपना bitiyaa dekh rahee wo sapanaa बिटिया देख रही वो सपना

बिटिया देख रही वो सपना

जो न सपन में भी

था सोचा

देख अकेली बुलबुल प्यारी

बिछा रहा था जाल शिकारी

पर बुलबुल थी बड़ी सयानी

खोली अपनी ज्ञान पिटारी

चुपके जाकर बहेलिए

को

चोंच मारकर जी

भर नोचा।

उस किसान घर कर्ज़ पुराने

आए थे हल-बैल उठाने

कुछ निश्चय मन ही मन

करके

बुने कृषक ने ताने-बाने

बल शाली बाहों ने बढ़कर

लेनदार का गला

दबोचा।

सिखा गया बिटिया

bitiyaa dekh rahee wo sapanaa

·

jo n sapan men bhee

·

thaa sochaa

·

dekh akelee bulabul pyaaree

·

bichaa rahaa thaa jaal shikaaree

·

par bulabul thee badee sayaanee

·

kholee apanee jnaan pitaaree

·

chupake jaakar bahelie

ko

·

chonch maarakar jee

·

bhar nochaa

·

us kisaan ghar karz puraane

·

aae the hal-bail uthaane

·

kuch nishchay man hee man

karake

·

bune kriishak ne taane-baane

·

bal shaalee baahon ne bढ़kar

·

lenadaar kaa galaa

·

dabochaa

·

sikhaa gayaa bitiyaa

बिटिया देख रही वो सपना

जो न सपन में भी

था सोचा

देख अकेली बुलबुल प्यारी

बिछा रहा था जाल शिकारी

पर बुलबुल थी बड़ी सयानी

खोली अपनी ज्ञान पिटारी

चुपके जाकर बहेलिए

को

चोंच मारकर जी

भर नोचा।

उस किसान घर कर्ज़ पुराने

आए थे हल-बैल उठाने

कुछ निश्चय मन ही मन

करके

बुने कृषक ने ताने-बाने

बल शाली बाहों ने बढ़कर

लेनदार का गला

दबोचा।

सिखा गया बिटिया

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗