कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना २३ / १६४ № 23 of 164 रचना २३ / १६४
९ अगस्त २०१३ 9 August 2013 ९ अगस्त २०१३

बोल उठी अनजन्मी बेटी bol uthee anajanmee betee बोल उठी अनजन्मी बेटी

बोल उठी अन जन्मी बेटी

तुमसे मेरा नाता न्यारा।

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा

॥

मुझे बचा लो, वंश तुम्हारा।

॥

कुदरत से मैंने हक पाए

॥

मेरा दम क्यों घोंटा जाए?

॥

तुम जननी हो जीवन दाई

॥

जग बैरी चाहे बन जाए।

॥

दे दो अपना सदय सहारा

॥

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा।

॥

माँ,

तुम गाओ सुमधुर लोरी

॥

स्वर्ण हिंडोला, रेशम डोरी।

॥

निष्ठुर जग का करो

bol uthee an janmee betee

tumase meraa naataa nyaaraa

maan meree,

main ansh tumhaaraa

·

mujhe bachaa lo, wansh tumhaaraa

·

kudarat se mainne hak paae

·

meraa dam kyon ghontaa jaae?

·

tum jananee ho jeewan daaee

·

jag bairee chaahe ban jaae

·

de do apanaa saday sahaaraa

·

maan meree,

main ansh tumhaaraa

·

maan,

tum gaao sumadhur loree

·

svarn hindolaa, resham doree

·

nishthur jag kaa karo

बोल उठी अन जन्मी बेटी

तुमसे मेरा नाता न्यारा।

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा

॥

मुझे बचा लो, वंश तुम्हारा।

॥

कुदरत से मैंने हक पाए

॥

मेरा दम क्यों घोंटा जाए?

॥

तुम जननी हो जीवन दाई

॥

जग बैरी चाहे बन जाए।

॥

दे दो अपना सदय सहारा

॥

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा।

॥

माँ,

तुम गाओ सुमधुर लोरी

॥

स्वर्ण हिंडोला, रेशम डोरी।

॥

निष्ठुर जग का करो

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗