कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना २३ / १६३ № 23 of 163 रचना २३ / १६३
९ अगस्त २०१३ 9 August 2013 ९ अगस्त २०१३

बोल उठी अनजन्मी बेटी bol uthee anajanmee betee बोल उठी अनजन्मी बेटी

बोल उठी अन जन्मी बेटी

तुमसे मेरा नाता न्यारा।

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा

मुझे बचा लो, वंश तुम्हारा।

कुदरत से मैंने हक पाए

मेरा दम क्यों घोंटा जाए?

तुम जननी हो जीवन दाई

जग बैरी चाहे बन जाए।

दे दो अपना सदय सहारा

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा।

माँ,

तुम गाओ सुमधुर लोरी

स्वर्ण हिंडोला, रेशम डोरी।

निष्ठुर जग का करो

bol uthee an janmee betee

tumase meraa naataa nyaaraa

maan meree,

main ansh tumhaaraa

·

mujhe bachaa lo, wansh tumhaaraa

·

kudarat se mainne hak paae

·

meraa dam kyon ghontaa jaae?

·

tum jananee ho jeewan daaee

·

jag bairee chaahe ban jaae

·

de do apanaa saday sahaaraa

·

maan meree,

main ansh tumhaaraa

·

maan,

tum gaao sumadhur loree

·

svarn hindolaa, resham doree

·

nishthur jag kaa karo

बोल उठी अन जन्मी बेटी

तुमसे मेरा नाता न्यारा।

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा

मुझे बचा लो, वंश तुम्हारा।

कुदरत से मैंने हक पाए

मेरा दम क्यों घोंटा जाए?

तुम जननी हो जीवन दाई

जग बैरी चाहे बन जाए।

दे दो अपना सदय सहारा

माँ मेरी,

मैं अंश तुम्हारा।

माँ,

तुम गाओ सुमधुर लोरी

स्वर्ण हिंडोला, रेशम डोरी।

निष्ठुर जग का करो

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗