कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ७ / १६३ № 7 of 163 रचना ७ / १६३
१३ दिसम्बर २०१२ 13 December 2012 १३ दिसम्बर २०१२

यही चित्र स्वाधीन देश का yahee chitr svaadheen desh kaa यही चित्र स्वाधीन देश का

शीत लहर चल पड़ी

देश में

नेता को संदेश

मिला।

फूले गाल, और

कुछ फैले

मुख पर जैसे कमल

खिला

दौरों के अब दौर

चलेंगे।

सैर सपाटे दौड़

भरेंगे।

लक़दक़ ऊनी वस्त्र

ओढ़कर

ठाठ-बाठ से पाँव

धरेंगे।

क्या चिंता

सरकारी गाड़ी

चमचों का होगा

अमला।

आश्वासन की भरी

पोटली।

साथ सहेजे आँसू

नकली।

शब्द-शब्द में

शहद घोलकर

चेहरे पर चिकनाई

मल ली।

कुदरत

sheet lahar chal padee

desh men

·

netaa ko sandesh

milaa

·

phoole gaal, aur

kuch phaile

·

mukh par jaise kamal

khilaa

·

dauron ke ab daur

chalenge

·

sair sapaate daud

bharenge

·

laqadaq oonee wastr

oढ़kar

·

thaath-baath se paanv

dharenge

·

kyaa chintaa

sarakaaree gaadee

·

chamachon kaa hogaa

amalaa

·

aashvaasan kee bharee

potalee

·

saath saheje aansoo

nakalee

·

shabd-shabd men

shahad gholakar

·

chehare par chikanaaee

mal lee

·

kudarat

शीत लहर चल पड़ी

देश में

नेता को संदेश

मिला।

फूले गाल, और

कुछ फैले

मुख पर जैसे कमल

खिला

दौरों के अब दौर

चलेंगे।

सैर सपाटे दौड़

भरेंगे।

लक़दक़ ऊनी वस्त्र

ओढ़कर

ठाठ-बाठ से पाँव

धरेंगे।

क्या चिंता

सरकारी गाड़ी

चमचों का होगा

अमला।

आश्वासन की भरी

पोटली।

साथ सहेजे आँसू

नकली।

शब्द-शब्द में

शहद घोलकर

चेहरे पर चिकनाई

मल ली।

कुदरत

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗