कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १०३ / १६३ № 103 of 163 रचना १०३ / १६३
२७ फ़रवरी २०१५ 27 February 2015 २७ फ़रवरी २०१५

घोलेगा जब रंग टेसुआ gholegaa jab rang tesuaa घोलेगा जब रंग टेसुआ

वनज-पलाशों की तलाश

में

दल-बल संग ऋतुराज

चला

गज़ब जुड़ी हुरियारी

टोली

मिलकर सब खेलेंगे

होली

काँव-काँव कागा की

पहुँची

और कूक कोयल की

बोली

घोलेगा जब रंग

टेसुआ

रोकेगा फिर कौन

भला।

विहगों ने निज पर

फैलाए

शामिल हुए चपल

चौपाए

अमराई से दौड़े-दौड़े

अँबुआ भी आए बौराए

चलते-चलते ना जाने

कब

दिन बीता दिनमान

ढला।

सबने हर इक गाँव

खँगाला

शहर शहर में

wanaj-palaashon kee talaash

men

·

dal-bal sang riituraaj

·

chalaa

·

gazab judee huriyaaree

tolee

·

milakar sab khelenge

holee

·

kaanv-kaanv kaagaa kee

pahunchee

·

aur kook koyal kee

bolee

·

gholegaa jab rang

tesuaa

·

rokegaa phir kaun

·

bhalaa

·

wihagon ne nij par

phailaae

·

shaamil hue chapal

chaupaae

·

amaraaee se daude-daude

·

anbuaa bhee aae bauraae

·

chalate-chalate naa jaane

kab

·

din beetaa dinamaan

·

dhalaa

·

sabane har ik gaanv

khangaalaa

·

shahar shahar men

वनज-पलाशों की तलाश

में

दल-बल संग ऋतुराज

चला

गज़ब जुड़ी हुरियारी

टोली

मिलकर सब खेलेंगे

होली

काँव-काँव कागा की

पहुँची

और कूक कोयल की

बोली

घोलेगा जब रंग

टेसुआ

रोकेगा फिर कौन

भला।

विहगों ने निज पर

फैलाए

शामिल हुए चपल

चौपाए

अमराई से दौड़े-दौड़े

अँबुआ भी आए बौराए

चलते-चलते ना जाने

कब

दिन बीता दिनमान

ढला।

सबने हर इक गाँव

खँगाला

शहर शहर में

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗