कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ११२ / १६४ № 112 of 164 रचना ११२ / १६४
१० अगस्त २०१५ 10 August 2015 १० अगस्त २०१५

तिरंगा लहर लहर लहराया tirangaa lahar lahar laharaayaa तिरंगा लहर लहर लहराया

गुन स्वतन्त्रता गान, तिरंगा

॥

लहर लहर

लहराया।

॥

पिंजड़ा लेकर उड़ीं

चिरैयाँ

॥

जाल काटने लगीं

मछलियाँ

॥

क्रूर वधिक के कत्लगाह से

॥

खूँटे खींच ले गईं

गैयाँ

॥

रामदीन के

हथ-रिक्शे ने

॥

गति को और बढ़ाया।

॥

खूब सज रही झण्डा-झाँकी

॥

किसे खबर पर, दीन-जहाँ की

॥

कब आए, ले गए तकादे

॥

छत उखाड़, गूँगी धनियाँ की

॥

किसने देखा कृपाराम

ने

॥

क्योंकर हंटर खाया।

॥

लाखों जुटे हुए

अनुगामी

॥

नमित-शीश दे

gun svatantrataa gaan, tirangaa

·

lahar lahar

laharaayaa

·

pinjadaa lekar udeen

chiraiyaan

·

jaal kaatane lageen

machaliyaan

·

kroor wadhik ke katlagaah se

·

khoonte kheench le gaeen

gaiyaan

·

raamadeen ke

hath-rikshe ne

·

gati ko aur bढ़aayaa

·

khoob saj rahee jhandaa-jhaankee

·

kise khabar par, deen-jahaan kee

·

kab aae, le gae takaade

·

chat ukhaad, goongee dhaniyaan kee

·

kisane dekhaa kriipaaraam

ne

·

kyonkar hantar khaayaa

·

laakhon jute hue

anugaamee

·

namit-sheesh de

गुन स्वतन्त्रता गान, तिरंगा

॥

लहर लहर

लहराया।

॥

पिंजड़ा लेकर उड़ीं

चिरैयाँ

॥

जाल काटने लगीं

मछलियाँ

॥

क्रूर वधिक के कत्लगाह से

॥

खूँटे खींच ले गईं

गैयाँ

॥

रामदीन के

हथ-रिक्शे ने

॥

गति को और बढ़ाया।

॥

खूब सज रही झण्डा-झाँकी

॥

किसे खबर पर, दीन-जहाँ की

॥

कब आए, ले गए तकादे

॥

छत उखाड़, गूँगी धनियाँ की

॥

किसने देखा कृपाराम

ने

॥

क्योंकर हंटर खाया।

॥

लाखों जुटे हुए

अनुगामी

॥

नमित-शीश दे

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗