कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ११२ / १६३ № 112 of 163 रचना ११२ / १६३
१० अगस्त २०१५ 10 August 2015 १० अगस्त २०१५

तिरंगा लहर लहर लहराया tirangaa lahar lahar laharaayaa तिरंगा लहर लहर लहराया

गुन स्वतन्त्रता गान, तिरंगा

लहर लहर

लहराया।

पिंजड़ा लेकर उड़ीं

चिरैयाँ

जाल काटने लगीं

मछलियाँ

क्रूर वधिक के कत्लगाह से

खूँटे खींच ले गईं

गैयाँ

रामदीन के

हथ-रिक्शे ने

गति को और बढ़ाया।

खूब सज रही झण्डा-झाँकी

किसे खबर पर, दीन-जहाँ की

कब आए, ले गए तकादे

छत उखाड़, गूँगी धनियाँ की

किसने देखा कृपाराम

ने

क्योंकर हंटर खाया।

लाखों जुटे हुए

अनुगामी

नमित-शीश दे

gun svatantrataa gaan, tirangaa

·

lahar lahar

laharaayaa

·

pinjadaa lekar udeen

chiraiyaan

·

jaal kaatane lageen

machaliyaan

·

kroor wadhik ke katlagaah se

·

khoonte kheench le gaeen

gaiyaan

·

raamadeen ke

hath-rikshe ne

·

gati ko aur bढ़aayaa

·

khoob saj rahee jhandaa-jhaankee

·

kise khabar par, deen-jahaan kee

·

kab aae, le gae takaade

·

chat ukhaad, goongee dhaniyaan kee

·

kisane dekhaa kriipaaraam

ne

·

kyonkar hantar khaayaa

·

laakhon jute hue

anugaamee

·

namit-sheesh de

गुन स्वतन्त्रता गान, तिरंगा

लहर लहर

लहराया।

पिंजड़ा लेकर उड़ीं

चिरैयाँ

जाल काटने लगीं

मछलियाँ

क्रूर वधिक के कत्लगाह से

खूँटे खींच ले गईं

गैयाँ

रामदीन के

हथ-रिक्शे ने

गति को और बढ़ाया।

खूब सज रही झण्डा-झाँकी

किसे खबर पर, दीन-जहाँ की

कब आए, ले गए तकादे

छत उखाड़, गूँगी धनियाँ की

किसने देखा कृपाराम

ने

क्योंकर हंटर खाया।

लाखों जुटे हुए

अनुगामी

नमित-शीश दे

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗